Monday, 6 February 2017

हिंदी टीचर
हिंदी टीचर बड़ी महान ,
देती सब विषयों का ज्ञान ,
ज्ञान कराती हैं भरपूर
देतीं जानकारी अनमोल |
परिचय होता अपनी संस्कृति से
भरता जाता ज्ञान कलश ,
मान-सम्मान करना सिखाती
जीने की कला वे बतातीं 
हर कसौटी पर खरी उतरतीं
मानवता का पथ दिखलाती |
हर दिन आतीं बड़े जोश से ,
बच्चे प्रतीक्षा करते मन से,
आज मिलेगी सीख अनोखी
माध्यम होगा किसी कथा का,
हो चाहे वो रामायण की ,
या चाहे हो कृष्ण जीवन से ,
गौतम बुद्ध की कथा सुनातीं ,
पंचतंत्र हम बच्चों को भाती
हर कहानी एक सीख दे जाती |
सारे त्यौहार उन्हीं से जीवित ,
हर्ष-उल्लास से खूब मनातीं
सबको स्वादिष्ट पकवान खिलातीं,
त्योहारों का कारण-उददेश्य बतातीं |
खुलकर जीने की राह दिखातीं

हम हैं तो हिंदी है ,
हिंदी है तो हम हैं
ऐसी हैं हमारी हिंदी मैम
गर्व से भरे इनके नयन
आकाश सा निर्मल ह्रदय है इनका ,
इनमें करते दर्शन ईश्वर का
साक्षात सरस्वती बसतीं इनमें
ह्रदय से हम करते नमन इन्हें
यह रचना है इन्हें समर्पित
रहे सदा आशीष, इनका हम पर |
नीरा भार्गव  'नीर'

यह कविता मेरी अपनी हिंदी अध्यापिका श्रीमती प्रभा गढ़वे को समर्पित है ,जिन्होंने मुझे विद्यालय में हिंदी भाषा का गहन अध्ययन कराया | आज मुझे हिंदी का जो ज्ञान है उन्हीं की देन है |
प्रणाम !








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