माँ से निवेदन
हे माँ शारदे !
हे माँ शारदे !
अबकी बार,
ऐसा चमत्कार कर दे ,
ऐसा चमत्कार कर दे ,
प्राणियों में
सदविचार भर दे ,
सदविचार भर दे ,
दुर्बुद्धि का नाश
हो ,
सद्ज्ञान का ही
विकास हो ,
दुष्कर्म-कुकर्म का
विनाश हो |
पीली सरसों
सा
प्रफुल्लित मन हो,
प्रफुल्लित मन हो,
वसंत मास जैसा
सुमधुर जीवन हो ,
सुमधुर जीवन हो ,
कोई क्लेश
न हो कहीं,
बस प्रेम
ही सर्वत्र हो
,
हे माँ !
तेरे आशीष से
हो पल्लवित ,
ज्ञान की नीरा बहे
हो पल्लवित ,
ज्ञान की नीरा बहे
कर दे ,प्रकाश
ऐसा हे माँ !
यह सिलसिला अनवरत चले
,
जन-जन का
कल्याण हो ,
केवल भाव नहीं
,
कर्म ही प्रधान हो,
कर्म ही प्रधान हो,
माँ ! तेरे चरणों
में नीरा ,
नतमस्तक हो ,
श्रद्धा -सुमन अर्पित
करे |
नीरा भार्गव 'नीर'
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