
आओ जल
को आज बचाएँ (जल संरक्षण)
आओ जल को
आज बचाएँ
सब मिलकर इतिहास रचाएँ
आओ जल को आज बचाएँ
आओ जल को आज बचाएँ
क्यों नाली में व्यर्थ बहाएँ?
आओ जल को आज बचाएँ
कमरों में भी पोंछा मारें
क्यों पानी को व्यर्थ बहाएँ?
आओ जल को आज बचाएँ
उस पानी से
पौधे सींचे
कर लें अब
जल का संरक्षण
|
क्यों पानी को व्यर्थ बहाए आओ जल को आज बचाएँ
पानी को भर बाल्टी में
कम पानी से
सभी नहाएँ
जहाँ भी
देखो बहता पानी
चाहे फटे पाइप से बहता
या फिर दिखे कोई नल बहता
या फिर दिखे कोई नल बहता
नल को तुरंत
बंद करें हम
पाइप की मरम्मत
करवाएँ
क्यों पानी को
व्यर्थ बहाएँ
आओ जल को
आज बचाएँ
घर का हर सदस्य अब होगा
इस अभियान का भागीदार
चाहे होें वो
घर के मुखिया
या फिर हों
वो दीदी-भैया
सबका होगा एक ही नारा
जल संरक्षण कर्त्तव्य हमारा
क्यों फिर अब
हम देर लगाएँ
आओ जल को
आज बचाएँ |
नीरा भार्गव 'नीर'





सीमित होते नैसर्गिक साधन एवं गहराते जल संकट में इस कविता के माध्यम से जल को बचाने हेतु जन-जागरूकता लाने का एक छोटा सा प्रयास |
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