सूरज
सूरज आता जीवन लाता
अंधकार को दूर भगाकर,
आलस को फटकार लगाकर,
अंधकार को दूर भगाकर,
आलस को फटकार लगाकर,
जीवन को गतिमान बनाता|
जग में सफल वही होता,
जो करता निरंतर दौड़-धूप |
यही सीख देता है सूरज,
करो खूब काम जीवन में |
जाना है- कर्मठ किसान को?
जो सूरज के साथ जागता,
अस्त हुआ सूरज जैसे ही,
उसने भी विश्राम लिया|
करता मेहनत सूरज जैसी,
देता सबको जीवन और अन्न,
सूरज के कारण ही तो है,
इतना सुन्दर प्यारा जीवन|
चिडि़यों की मीठी प्यारी बोली,
और सुन्दर फूलों की खुशबू,
उन पर मॅड़राती तितली,
चखती है, हर एक का रस|
रंग सभी में भरता सूरज
फूलों में भरता सुगंध
तितली को देता चंचलता
महकाता हर वन -उपवन
सूरजमुखी फूल को देखो,
मित्रता निभाता है हरदम
जैसे-जैसे सूरज चलता
फूलों में भरता सुगंध
तितली को देता चंचलता
महकाता हर वन -उपवन
सूरजमुखी फूल को देखो,
मित्रता निभाता है हरदम
जैसे-जैसे सूरज चलता
मुड़ता
जाता सूरज संग,
लो,सदा सीख कर्मठ बनने की,
चलो सदा प्रकृति के संग|
मत छेड़ो इसको,
मत छेड़ो इसको,
रखो इसे प्रदूषण मुक्त,
जीवन दाता सूरज सबको,
देता रहेगा सुन्दर जीवन|
नीरा भार्गव 'नीर'
नीरा भार्गव 'नीर'
No comments:
Post a Comment