Wednesday, 20 April 2016

            सूरज
सूरज आता जीवन लाता
अंधकार को दूर भगाकर,
आलस को फटकार लगाकर, 
जीवन को गतिमान बनाता| 
            जग  में सफल वही होता,
            जो करता निरंतर दौड़-धूप | 
            यही सीख देता है सूरज,
            करो खूब काम जीवन में |
जाना है- कर्मठ किसान को?
जो सूरज के साथ जागता,
अस्त हुआ सूरज जैसे ही,
उसने भी विश्राम लिया|
           करता मेहनत सूरज जैसी,  
           देता सबको जीवन और अन्न,
           सूरज के कारण ही तो है,
            इतना सुन्दर प्यारा जीवन|
चिडि़यों की मीठी प्यारी बोली,
और सुन्दर फूलों की खुशबू,
उन पर मॅड़राती तितली,
चखती है, हर एक का रस|
            रंग सभी में भरता सूरज 
            फूलों में भरता सुगंध
            तितली को देता चंचलता
            महकाता हर वन -उपवन 
सूरजमुखी फूल को देखो,
मित्रता निभाता है हरदम
जैसे-जैसे सूरज चलता 
मुड़ता जाता सूरज  संग,
             लो,सदा सीख  कर्मठ बनने की,
             चलो सदा प्रकृति के संग|
             मत छेड़ो इसको,
             रखो इसे प्रदूषण मुक्त,
जीवन दाता सूरज सबको,
देता रहेगा सुन्दर जीवन|
नीरा भार्गव  'नीर'

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